सांसी लघु संदेश

ऐठ्ठै बाइबला के साँसी भाषा म संदेश देवोड़े हैं। थम किना किसी पैसै के इनकु सुणी अर डाउनलोड भी करी सकते हो, अर लोक्कैं सात्थी इनकु बाँट्टी भी सकते हो।

मुसिबत आणैं पर हम क्या करते हाँ?
मेरे प्यारे भाई-बाहणों, हम जितने भी लोक इस दुनिया म रैहते हाँ, म्हारै माहला हर एक इन्सान किसी ना किसी मुसिबता का साम्हणा आये दिन करता है, काइं मुसीबतां बड़ियाँ होतियाँ हैं, तो काइं छोटियाँ, याह म्हारै पर ही होत्ता है। जिद कोइ भी म्हारै पर मुसिबत आत्ती है, तो हम सारे ही घबराई जात्ते हाँकि इबकै हूँ क्या करंगड़ा। अर उसी वक्त हम उन मुसिबतैं थ बाहर निकळणैं का कोइ हल लाभणैं लाग्गी जात्ते हाँ, मुसिबत म्हारीया जिन्दगीया म कई तरीक्के थ आतियाँ हैं, जिदाकी पैसे कि तंग्गी, काम्मा कि तंग्गी, पढ़ाइय्या म कमज़ोर रैहणा, परीवारा कु सम्हाळणा, बच्चैं कि पढ़ाई करवाणा, वगैरा।

पर इबकै सवाल याह आवता है, किमुसिबत आणैं पर हम क्या करते हाँ

क्या हम म्हारीयैं जिम्मेदारीयैं थ भाजते हाँयाह फेरी मुसिबतैं का साम्हणा करते हाँ

दुनिया म हम घणे ऐस्से लोक्कैं कु म्हारै आस्सै-पास्सै देखते हाँ, जो आपकिया जिन्दगीया म सफल हैं, शायद वो डरे कोइन या फेरी उसी मुसीबता म टिके रहे, अर मैहनत करी, काम करनै म आळस कोइन करया, दुसरैं कियैं बात्तैं पर ध्यान कोइ दिया, या फेरी आपका मकसद कोइ भुल्ले जिसकिया वज़ाह थ वो सफल होये होंग। अर एक आच्छी जिन्दगी जिव्या करते हैं, पर याद राक्खो उस सफलता कु जीतणैं वास्तै उनूर भी कई मुसिबतैं का साम्हणा करया अर हार कोई मान्नी इसकरी वो आज आपकिया जिन्दगीया म सफल हैं, अर एक आच्छी जिन्दगी जिव्या करते हैं।
इसी तरीक्के थ हम याह बात याद राख्खा कि अगर हम किसी भी मुसिबत याह परेशानिया कु देख्या करते हाँ, तो हम उसका साम्हणा करना सिख्खाँ, अर म्हारीया जिम्मेदारीयैं थ हम ना भाज्जाँ, अगर हम मुसिबतैं थ या जिम्मेदारीयैं थ भाजते हाँ, तो इसका मतलब कि हम डरी चुक्के हाँ, अर म्हारैं म हिम्मत कोइन, इस वजह थ हम जिन्दगीया के कई पड़ावैं म हारोड़े होत्ते हाँ।
इब मेरे भाई बाहणोंहम म्हारे हालात्तैं या मुसिबतैं का पूरीया हिमता थ साम्हणा कराँ अर म्हारीयैं म्मेदारीयैं थ भाजणैं क वजाये उनका साम्हणां कराँ, ताकी हम लोक्कैं किया नज़री माह हारोड़े नाही पर एक सफल इन्सान्ना के रुप्पा म अपणे-आप्पा कु साबित करी सकाँ।

एक्की घरा मं एक्की बाप्पा के दौ बेट्टे थिये,एक नरम सभावा का अर एक रोस्सा आळा थिया,

बाप्पैं मरनै थ पैहलै दहुँऐं बेट्टैं कु उनकी जयजात बराब्बर बांट्टी दिन्ही, इब जो बेट्टा नरम सभावा का थिया, उनु आपके काम काज्जा म आच्छी तरक्की करी, क्योंकि जिद वो आपके नोकरैं थ अर मुनिम्मा थ बात चित करता थिया, तो सारैं कु घणा आच्छा लागता थिया, क्योंकि उसकी हर बात समझा कि हौत्ती थी, अर वो दूसरैं कि बात भी सुणता थिया, अर पीछैं आपके काम्मा वास्तै सही फैसले लेत्ता थिया, इस वजह थ कुछ साल्लैं के बाद्दाम ही, उसके नरम सभावा किया वज़ाह थ उसके हका म काम करनै आळै कि गिणती घणी ही बधी गई, अर लोक्कैं म उनु एक आच्छा नाम कुमाया।

अर सात्थी ही आपके जयजात्ती कु भी कई गुणा बधाया। इब जो रोस्सा राखणैं आळा उसका भाइय्या थिया, उसकु जो जयजात अर काम-काज मिल्या थिया, उसकै म वो तरक्की कोइ करी सक्या, अर जो उसकै धौर थीया वो भी डबोई दिया, वज़ाह याह रही, कि वो आपके नोकरैं थ या आपके मुनिम्मा थ हर बार रोस्सा थ बात करता थिया, अगर कोइ उसकु काइं समझाणैं कि कोशिश करता तौभी वो आपकि मनमान्नी ही करता अर किसी कि बात कोइ सुणता थिया, जिस्का वज़ाह थ उसके काम करनै आळे नोक्कर भी काम छोड्डी चले गये, अर उसका मुनीम भी आपका काम छौड्डी औरी काम्मा वळ चल्या कुछ साल्लैं के बाद्दाम उसकु ऐहसास होया कि मेरे सात्था आळे भाइय्यैं कई गुणा तरक्की करी पर मैं कोइ करी, इस वजह थ उसकु आपके रोस्सा आळे सभावा पर घणा अफसोस होया।

इब मेरे भाई-बाहणों, हम अगर ध्यान्नी थ सोच्चां तो म्हारा सभाव म्हारे लोक्कैं म, परीवारा म, काम्मा आळिया जाघ्घ म, दोस्तैं म, किस तरीक्के का है? याद राख्खा कि म्हारा रोस करना म्हारे सात्था आळैं कु म्हारै थ नफरत करवाई सक्ता है, म्हारा आच्छा नाम भी म्हारे लोक्कैं म बिगाड़ी सकत है, इसकरी अगर हम नरम सभाव राखते हाँ, तो लोक्कैं म, परीवारा म, म्हारे काम्मा म, म्हारे दोस्तैं म, हर जाघ्घा एक आच्छा नांव होगड़ा, ताकि म्हारे सभावा थ हम म्हारे आस्सै-पास्सै अर म्हारीया जिन्दगीया थ जुड़ोड़ियैं कई चिज्जैं कु बदली सकाँ।

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